
दुनिया जिन चेहरों को अक्सर “global villains” के तौर पर देखती है, Iran के Supreme Leader, Russia के President Vladimir Putin, North Korea के Kim Jong Un, और China के President Xi Jinping
उनमें से किसी का भी नाम Epstein Files में नहीं दिखता।
यह बात कई लोगों को चौंकाती है, क्योंकि Epstein Files को लेकर दुनिया भर में high-profile connections की चर्चा रही है।
Epstein Files में नाम कैसे आते हैं?
Epstein Files उन दस्तावेज़ों और रिकॉर्ड्स का संकलन हैं, जिनमें संपर्क, यात्राओं, सामाजिक नेटवर्क और कानूनी दस्तावेज़ों का ज़िक्र किया गया है। इनमें नाम आना कानूनी दोष सिद्ध होना नहीं, बल्कि संबंध या संदर्भ का संकेत माना जाता है। यहीं से कहानी दिलचस्प हो जाती है।
तो फिर ये नाम क्यों नहीं हैं?
Epstein का नेटवर्क मुख्यतः Western elite, business tycoons और political-social circles तक सीमित माना जाता है। Authoritarian या closed regimes के शीर्ष नेता इन social circuits का हिस्सा नहीं होते।
Putin, Kim या Iran के Supreme Leader ऐसे नेताओं में गिने जाते हैं जिनकी personal access tightly controlled रहती है।
Private social networking का scope बेहद सीमित होता है।
जिसे दुनिया villain कहती है, ज़रूरी नहीं कि वो Epstein की guest list में भी हो। Global image और social networking दो अलग-अलग गेम हैं।

Political Optics भी अहम
Epstein Files में सामने आए नाम ज़्यादातर ऐसे लोगों के रहे हैं जो Western political सिस्टम्स, Media एक्सपोज़र और open social ecosystems का हिस्सा रहे हैं।
Closed systems में transparency कम होती है, लेकिन social overlap भी कम होता है यही सबसे बड़ा reason माना जा रहा है।
Epstein Files की गैरमौजूदगी किसी के दोषमुक्त होने का प्रमाण नहीं, और न ही मौजूदगी अपराध का फैसला। यह सिर्फ इतना बताती है कि global power structures अलग-अलग रास्तों से काम करते हैं। और कभी-कभी जिन चेहरों को दुनिया villain मानती है, वो scandal की story में भी मौजूद नहीं होते।
हार EVM से नहीं, वोट से हुई! SC ने PK को दिखाया आईना
